PM-KUSUM Scheme 2026: प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान (PM-KUSUM) का मुख्य उद्देश्य किसानों को ऊर्जा के मामले में आत्मनिर्भर बनाना है। इस योजना के जरिए किसान अपनी बंजर जमीन पर सोलर प्लांट लगा सकते हैं या अपने पुराने डीजल पंपों को सोलर पंप में बदल सकते हैं। 2026 में सरकार का लक्ष्य लाखों नए किसानों को इस सब्सिडी का लाभ पहुँचाना है।
PM-KUSUM योजना: मुख्य विवरण और सब्सिडी का गणित
इस योजना के तहत मिलने वाले लाभ और पात्रता को नीचे दी गई तालिका के माध्यम से समझें:
| विवरण | महत्वपूर्ण जानकारी |
| योजना का नाम | PM-KUSUM (पीएम-कुसुम) योजना |
| सब्सिडी (केंद्र + राज्य) | 60% से 90% तक (राज्यवार भिन्न) |
| किसान का हिस्सा | मात्र 10% से 40% |
| मुख्य लाभार्थी | व्यक्तिगत किसान, FPO, सहकारी समितियां |
| आवेदन का तरीका | ऑनलाइन (राज्य पोर्टल के माध्यम से) |
| मुख्य लाभ | मुफ्त बिजली और अतिरिक्त बिजली बेचकर कमाई |
कौन-कौन ले सकता है इस योजना का लाभ? (Eligibility)
PM-KUSUM योजना का दायरा काफी बड़ा है। इसमें निम्नलिखित लोग और संस्थाएं आवेदन कर सकती हैं:
- व्यक्तिगत किसान: जिनके पास अपनी कृषि योग्य भूमि है।
- किसानों का समूह: छोटे किसान मिलकर भी आवेदन कर सकते हैं।
- किसान उत्पादक संगठन (FPO): संस्थागत स्तर पर सिंचाई के लिए।
- सहकारी समितियां और पंचायतें: सामुदायिक सिंचाई सुविधाओं के लिए।
- जल उपभोक्ता संघ (WUA): जो नहरों या सामूहिक जल स्रोतों का प्रबंधन करते हैं।
PM-KUSUM योजना के 3 महत्वपूर्ण भाग (Components)
इस योजना को तीन अलग-अलग हिस्सों में बांटा गया है, ताकि हर किसान अपनी जरूरत के हिसाब से लाभ ले सके:
- कंपोनेंट-A (सोलर प्लांट): किसान अपनी बंजर जमीन पर 500 किलोवाट से 2 मेगावाट तक का सोलर पावर प्लांट लगा सकते हैं। इससे बनी बिजली सरकार खरीदेगी, जिससे किसान को सालाना लाखों की कमाई होगी।
- कंपोनेंट-B (स्टैंडअलोन सोलर पंप): जहाँ बिजली के कनेक्शन नहीं हैं, वहाँ सरकार डीजल पंप की जगह नए ‘स्टैंडअलोन सोलर पंप’ लगाने के लिए भारी सब्सिडी देती है।
- कंपोनेंट-C (ग्रिड पंपों का सोलराइजेशन): जिन किसानों के पास पहले से बिजली का पंप है, उन्हें सोलर पैनल दिए जाते हैं। वे अपनी जरूरत की बिजली का उपयोग करेंगे और बची हुई बिजली ग्रिड को बेचकर पैसा कमा पाएंगे।
सोलर पंप अपनाने के शानदार फायदे
- दिन में सिंचाई: अब आपको रात में कड़ाके की ठंड या सांप-बिच्छू के डर के बीच खेत में पानी चलाने की जरूरत नहीं है। सोलर पंप दिन की रोशनी में बेहतरीन काम करते हैं।
- डीजल के खर्च से मुक्ति: डीजल के बढ़ते दाम अब आपकी जेब पर भारी नहीं पड़ेंगे। सोलर पंप का रखरखाव (Maintenance) भी बेहद सस्ता है।
- पर्यावरण के अनुकूल: इससे प्रदूषण नहीं होता और आपकी फसल को शुद्ध ऊर्जा मिलती है।
- अतिरिक्त आय: यह योजना खेती के साथ-साथ ‘बिजली की खेती’ करने का मौका देती है, जिससे हर महीने एक तय इनकम शुरू हो सकती है।
आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेज
अगर आप 2026 में इस योजना का लाभ लेना चाहते हैं, तो ये कागज तैयार रखें:
- आधार कार्ड और मोबाइल नंबर (लिंक होना अनिवार्य)।
- जमीन के कागजात (खसरा-खतौनी की नकल)।
- बैंक पासबुक की फोटोकॉपी।
- पासपोर्ट साइज फोटो।
- घोषणा पत्र (कि आपने पहले इस योजना का लाभ नहीं लिया है)।
PM-KUSUM योजना केवल एक सब्सिडी स्कीम नहीं है, बल्कि यह खेती को एक नए युग में ले जाने की पहल है। 1 जनवरी 2026 के बाद से कई राज्यों ने अपने-अपने पोर्टल पर नए आवेदन लेना शुरू कर दिया है। यदि आप भी आत्मनिर्भर किसान बनना चाहते हैं, तो बिना देर किए अपनी पात्रता जांचें और सोलर क्रांति का हिस्सा बनें।
क्या आप जानना चाहते हैं कि आपके राज्य के आधिकारिक पोर्टल का लिंक क्या है? कमेंट में अपने ‘राज्य का नाम’ लिखें, हम आपको सीधा लिंक देंगे!
Disclaimer: यह लेख सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है। PM-KUSUM योजना की सब्सिडी दरें और नियम अलग-अलग राज्यों में भिन्न हो सकते हैं। आवेदन करने से पहले अपने जिले के कृषि विभाग या आधिकारिक सरकारी वेबसाइट पर जाकर नियमों की पुष्टि अवश्य करें।
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