Labour Card New Scheme 2026: सालाना 5000 रुपये की पोशाक सहायता और अन्य बड़े लाभ

Labour Card New Scheme 2026: बिहार सरकार ने राज्य के निर्माण श्रमिकों के लिए नए साल 2026 में कल्याणकारी योजनाओं का पिटारा खोल दिया है। श्रम संसाधन विभाग की ओर से जारी ताजा अपडेट के अनुसार, अब बिहार के प्रत्येक पंजीकृत लेबर कार्ड धारक को सालाना 5000 रुपये की ‘वार्षिक पोशाक सहायता’ दी जाएगी। यह राशि सीधे डीबीटी (DBT) के माध्यम से श्रमिकों के बैंक खाते में भेजी जाएगी।

कौन बनवा सकता है लेबर कार्ड?

लेबर कार्ड केवल उन लोगों के लिए है जो निर्माण कार्य (Construction) से जुड़े हैं। इसमें निम्नलिखित श्रेणियों के श्रमिक शामिल हो सकते हैं: राजमिस्त्री और उनके हेल्पर, टाइल्स मिस्त्री, पेंटर, लोहार, बढ़ई, इलेक्ट्रीशियन, वेल्डिंग करने वाले, कंक्रीट मिक्सर चलाने वाले, सड़क बनाने वाले मजदूर, रोलर चालक, ईंट भट्ठा मजदूर और मनरेगा श्रमिक (बागवानी और वानिकी को छोड़कर)। यदि आप इनमें से कोई भी कार्य करते हैं, तो आप मात्र 50 रुपये से 100 रुपये के सरकारी शुल्क पर यह कार्ड बनवा सकते हैं।

लेबर कार्ड के मुख्य लाभ और योजनाएं

बिहार सरकार लेबर कार्ड धारकों को केवल पोशाक के लिए ही नहीं, बल्कि जीवन के हर मोड़ पर आर्थिक मदद प्रदान करती है:

1. शिक्षा और छात्रवृत्ति: श्रमिकों के बच्चों की पढ़ाई के लिए सरकार 5000 से लेकर 20,000 रुपये तक की वित्तीय सहायता देती है। इसके अलावा, ट्यूशन फीस की भरपाई भी सरकार द्वारा की जाती है। यदि श्रमिक का बच्चा मैट्रिक या इंटरमीडिएट में अच्छे अंक लाता है, तो उसे प्रोत्साहन राशि (Cash Prize) दी जाती है। 60% से अधिक अंक लाने पर 10,000 रुपये, 70% से अधिक पर 15,000 रुपये और 80% से अधिक अंक लाने पर 25,000 रुपये का पुरस्कार मिलता है।

2. विवाह सहायता योजना: यदि किसी पंजीकृत श्रमिक की दो वयस्क पुत्रियां हैं, तो उनकी शादी के समय सरकार प्रति पुत्री 50,000 रुपये की आर्थिक मदद देती है। यह योजना गरीब परिवारों के लिए बेटी की शादी के बोझ को कम करने में मील का पत्थर साबित होती है।

3. औजार और साइकिल सहायता: अपने काम को बेहतर तरीके से करने के लिए सरकार औजार खरीदने हेतु 15,000 रुपये तक की मदद देती है। साथ ही, कार्यस्थल पर समय से पहुंचने के लिए साइकिल खरीदने हेतु 3,500 रुपये की राशि अलग से दी जाती है।

4. पेंशन और चिकित्सा सहायता: 60 वर्ष की आयु पूरी होने के बाद या किसी कारणवश पूर्ण विकलांग होने पर श्रमिक को 1000 रुपये प्रति माह की पेंशन दी जाती है। इसके अलावा, सालाना चिकित्सा सहायता राशि भी श्रमिक के खाते में अपने आप आती है।

5. मृत्यु और बीमा लाभ: कार्य के दौरान या सामान्य स्थिति में मृत्यु होने पर परिवार को संबल देने के लिए बीमा कवर मिलता है। स्वाभाविक मृत्यु पर 2 लाख रुपये और दुर्घटना में मृत्यु होने पर 4 लाख रुपये की राशि आश्रितों को दी जाती है। अंतिम संस्कार के लिए भी 5,000 रुपये की तत्काल मदद का प्रावधान है।

नवीनीकरण (Renewal) है अनिवार्य

लेबर कार्ड बनवाते समय यह ध्यान रखना आवश्यक है कि इसकी वैधता केवल 5 वर्ष की होती है। जैसे पासपोर्ट या अन्य दस्तावेजों को समय-समय पर अपडेट कराना पड़ता है, वैसे ही लेबर कार्ड को हर 5 साल में रिन्यू कराना जरूरी है। यदि आपका कार्ड 5 साल से पुराना है और आपने उसे रिन्यू नहीं कराया है, तो आपको मिलने वाले सभी लाभ (जैसे 5000 रुपये की पोशाक राशि) रोक दिए जाएंगे। आप अपने नजदीकी सीएससी (CSC) वसुधा केंद्र पर जाकर इसे अपडेट करा सकते हैं।

आवेदन के लिए आवश्यक दस्तावेज

लेबर कार्ड बनवाने की प्रक्रिया बहुत जटिल नहीं है। इसके लिए आपको निम्नलिखित दस्तावेजों की आवश्यकता होगी:

  • आधार कार्ड और मोबाइल नंबर।
  • बैंक पासबुक की फोटोकॉपी (ताकि पैसा सीधे खाते में आ सके)।
  • परिवार के सभी सदस्यों का विवरण और उनके आधार कार्ड।
  • 90 दिनों के कार्य का प्रमाण पत्र (शपथ पत्र)।

श्रमिकों को यह स्पष्ट करना होता है कि उन्होंने पिछले एक साल में किस ठेकेदार या भवन मालिक के पास कम से कम 3 महीने काम किया है।

निष्कर्ष

बिहार सरकार की यह पहल श्रमिकों को सम्मानजनक जीवन जीने में मदद करती है। पोशाक सहायता और साइकिल जैसी योजनाओं से उनकी दैनिक कार्यक्षमता बढ़ती है, वहीं विवाह और शिक्षा सहायता उनके भविष्य को सुरक्षित करती है। यदि आप एक निर्माण श्रमिक हैं, तो आज ही अपना पंजीकरण कराएं और यदि पहले से पंजीकृत हैं, तो कार्ड की वैधता की जांच जरूर करें।

क्या आप जानना चाहते हैं कि बिहार लेबर कार्ड पोर्टल पर अपने आवेदन की स्थिति (Status) ऑनलाइन कैसे चेक करें?

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