Khet Talab Yojana 2026: भारत सरकार और बिहार सरकार के पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग द्वारा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए मछली पालन (मत्स्य पालन) को बढ़ावा दिया जा रहा है। प्रधानमंत्री विशेष पैकेज योजना के तहत, यदि आप अपने निजी खेत या जमीन पर तालाब का निर्माण करवाते हैं, तो सरकार आपको ₹7 लाख तक की वित्तीय सहायता प्रदान कर रही है। इस योजना की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें 40% से लेकर 60% तक का अनुदान (सब्सिडी) दिया जाता है, जिसे वापस करने की आवश्यकता नहीं होती।
योजना के मुख्य लाभ और अनुदान की दरें
इस योजना के अंतर्गत विभिन्न प्रकार के कार्यों के लिए अलग-अलग लागत निर्धारित की गई है:
- नए तालाब का निर्माण: यदि आप नया तालाब बनवाते हैं, तो इसकी लागत लगभग ₹7 लाख प्रति हेक्टेयर मानी जाती है।
- तालाबों का जीर्णोद्धार (रिफर्बिशमेंट): पुराने तालाबों की मरम्मत के लिए लगभग ₹6 लाख प्रति हेक्टेयर की लागत का प्रावधान है।
- जल भूमि विकास: आदर्श जल भूमि के विकास के लिए ₹5 लाख तक की लागत निर्धारित है।
अनुदान (Subsidy) का विवरण:
- अनुसूचित जाति/जनजाति (SC/ST): इन श्रेणियों के आवेदकों को कुल लागत का 60% अनुदान मिलता है। यानी ₹7 लाख के प्रोजेक्ट पर ₹4.20 लाख सरकार देगी।
- अन्य श्रेणियां (General/OBC): सामान्य और पिछड़ी जाति के आवेदकों को 40% अनुदान दिया जाता है।
आवेदन के लिए आवश्यक दस्तावेज (Checklist)
योजना का लाभ लेने के लिए आपके पास निम्नलिखित दस्तावेज होने अनिवार्य हैं:
- पहचान पत्र: आधार कार्ड, राशन कार्ड या मतदाता पहचान पत्र।
- फोटोग्राफ: दो पासपोर्ट साइज सुप्रमाणित फोटो।
- बैंक विवरण: आईएफएससी (IFSC) कोड के साथ बैंक खाता संख्या।
- जाति एवं आय प्रमाण पत्र: यह केवल अनुसूचित जाति और जनजाति के आवेदकों के लिए अनिवार्य है।
- भूमि संबंधी दस्तावेज: खेत का रसीद, भूमि स्वामित्व प्रमाण पत्र (LPC) और जमीन का नक्शा। यदि जमीन पट्टे (Lease) पर है, तो न्यूनतम 9 वर्ष का निबंधित पट्टा होना चाहिए।
पंजीकरण और आवेदन प्रक्रिया
इस योजना के लिए आवेदन पूरी तरह से ऑनलाइन है। इच्छुक किसान ‘पहले आओ, पहले पाओ’ के सिद्धांत पर लाभ उठा सकते हैं।
- सबसे पहले बिहार मत्स्य विभाग की आधिकारिक वेबसाइट (www.fisheries.bihar.gov.in) पर जाएं।
- ‘मत्स्य पालकों/मछआरों का पंजीकरण’ लिंक पर क्लिक करें।
- पंजीकरण फॉर्म में अपना नाम, पिता का नाम, जन्म तिथि, आधार नंबर और मोबाइल नंबर दर्ज करें।
- बैंक विवरण भरें और अपने मोबाइल पर आए ओटीपी (OTP) के माध्यम से इसे सत्यापित करें।
- सफल पंजीकरण के बाद आप योजना के लिए अपना विस्तृत आवेदन सबमिट कर सकते हैं।
विशेष सुझाव और तकनीकी सहायता
मछली पालन शुरू करने से पहले विभाग कुछ महत्वपूर्ण सावधानियां बरतने की सलाह देता है:
- स्थान का चयन: तालाब का निर्माण ऐसी जगह न करें जहां पानी की तेज धारा बहती हो, क्योंकि बाढ़ की स्थिति में मछलियों के बहने का खतरा रहता है।
- प्रबंधन: तालाब में मछली के कुल वजन का 3% से 5% तक ही भोजन का प्रयोग करें। जल की गुणवत्ता का नियमित प्रबंधन करें।
- सहायता: यदि आपको तकनीकी सलाह या सहायता की आवश्यकता है, तो मत्स्यकी महाविद्यालय, किशनगंज या बिहार पशु विज्ञान विश्वविद्यालय, पटना के हेल्पलाइन नंबरों पर संपर्क कर सकते हैं।
निष्कर्ष
यह योजना उन युवाओं और किसानों के लिए एक सुनहरा अवसर है जो स्वरोजगार की तलाश में हैं। मछली पालन न केवल एक लाभदायक व्यवसाय है, बल्कि सरकारी अनुदान के कारण इसमें शुरुआती जोखिम भी कम हो जाता है। ध्यान रखें कि आवेदन में किसी भी प्रकार की त्रुटि होने पर उसे खारिज किया जा सकता है, इसलिए सभी जानकारी और दस्तावेज ध्यानपूर्वक अपलोड करें।
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