EPS Pension Update Today: ईपीएस 95 (EPS 95) पेंशनधारकों के लिए 2025 का अंत और 2026 की शुरुआत एक नई उम्मीद लेकर आई है। दशकों के लंबे संघर्ष और कानूनी लड़ाई के बाद, अब सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों और ईपीएफओ (EPFO) की सक्रियता ने पेंशन बढ़ोतरी के रास्ते साफ कर दिए हैं। यह कोई साधारण खबर नहीं है, बल्कि करोड़ों बुजुर्गों के सम्मान और उनके हक की जीत है।
यहाँ वीडियो के आधार पर पेंशन बढ़ोतरी, श्रेणियों और आवश्यक सावधानियों की विस्तृत जानकारी दी गई है:
1. सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक रुख: भेदभाव का अंत
सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट कर दिया है कि पेंशनधारकों के साथ उनकी रिटायरमेंट की तारीख के आधार पर कोई भेदभाव नहीं किया जा सकता। चाहे कोई कर्मचारी 2004, 2006 या 2014 से पहले रिटायर हुआ हो, या उसके बाद, सभी को समान न्याय मिलना चाहिए। कोर्ट का मानना है कि पेंशन कोई सरकारी दया नहीं, बल्कि कर्मचारी द्वारा अपनी जवानी के कीमती साल सेवा में देने के बदले कमाया गया कानूनी अधिकार है।
2. पेंशन बढ़ोतरी की चार प्रमुख श्रेणियां
पेंशन में होने वाली वृद्धि हर किसी के लिए समान नहीं होगी। इसे सेवा अवधि और योगदान के आधार पर चार हिस्सों में बांटा गया है:
| सेवा श्रेणी | योगदान की अवधि | संभावित पेंशन लाभ |
| पहली श्रेणी | 10 साल या उससे कम | ₹15,000 की सैलरी सीलिंग के आधार पर पेंशन औसतन ₹2,000 से ऊपर पहुंचेगी। |
| दूसरी श्रेणी | 15 से 25 साल | इस श्रेणी के पेंशनभोगियों को ₹3,000 से ₹5,000 के बीच मासिक पेंशन मिल सकती है। |
| तीसरी श्रेणी | 30 साल या अधिक | ₹7,500 + डीए (DA) की मांग सबसे अधिक इसी श्रेणी के लिए है, जिन्होंने लंबी सेवा दी है। |
| चौथी श्रेणी | उच्च पेंशन विकल्प (Higher Pension) | जिन्होंने ₹15,000 की सीमा से ऊपर योगदान दिया, उनकी पेंशन ₹10,000 से ₹30,000 या उससे भी अधिक हो सकती है। |
3. उच्च पेंशन (Higher Pension) का मामला
जिन पेंशनधारकों ने उच्च पेंशन का विकल्प चुना था, उनके लिए गणना उनकी ‘आखिरी सैलरी’ (Last Salary) के आधार पर की जाएगी। हालांकि, इसमें योगदान की पुनर्गणना होगी और यदि कोई अंतर पाया जाता है, तो उसे नियमों के तहत समायोजित (Adjust) किया जाएगा। इसके लिए पेंशनभोगियों को डरने की जरूरत नहीं है, क्योंकि यह प्रक्रिया पारदर्शी होगी।
4. एरियर (Arrears) और लागू होने की तिथि
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद अब गेंद पूरी तरह से सरकार और ईपीएफओ के पाले में है।
- लागू होना: जैसे ही ईपीएफओ आधिकारिक सर्कुलर जारी करेगा, नई व्यवस्था लागू मानी जाएगी।
- एरियर: यदि किसी पेंशनभोगी को नियमों की गलत व्याख्या के कारण सालों तक कम पेंशन मिली है, तो वह एरियर का हकदार होगा। हालांकि, एरियर किस तारीख से मिलेगा, यह आगामी सरकारी नोटिफिकेशन पर निर्भर करेगा।
5. पेंशनधारकों के लिए जरूरी सलाह (चेकलिस्ट)
अफवाहों और गलत जानकारी से बचने के लिए पेंशनधारकों को कुछ कदम उठाने चाहिए:
- दस्तावेज तैयार रखें: अपनी सेवा अवधि का प्रमाण, सैलरी स्लिप, योगदान का विवरण और जॉइंट ऑप्शन (Joint Option) से जुड़े कागजात संभाल कर रखें।
- सत्यापन के लिए तैयार रहें: जब भी नई गणना लागू होगी, ईपीएफओ रिकॉर्ड का सत्यापन करेगा। जागरूक पेंशनभोगी ही सबसे पहले लाभ उठा पाएंगे।
- न्यूनतम पेंशन: 2000 रुपये से ऊपर की पेंशन को अब एक ‘बेसलाइन’ माना जा रहा है, जिससे कम पेंशन पाने वालों को बड़ी राहत मिलेगी।
निष्कर्ष
ईपीएस 95 का मुद्दा अब केवल आर्थिक नहीं बल्कि सामाजिक सम्मान का विषय बन चुका है। सिस्टम को याद दिलाना और जागरूक रहना ही पेंशनभोगियों का सबसे बड़ा हथियार है। यह बदलाव एक नई शुरुआत है जो आने वाले समय में बुजुर्गों के लिए दवा, राशन और आत्मसम्मान सुनिश्चित करेगा।
व्हाट्सअप ग्रुप जॉईन👈