Pm Awas Yojana:प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) के तहत जनवरी 2026 के पहले हफ्ते में पहली किस्त जारी होने की घोषणा की गई है। यदि आपका नाम सूची (List) में है, तो पैसा आपके खाते में आने से पहले कुछ तकनीकी चीजों का सही होना बेहद जरूरी है, वरना आपका भुगतान रुक सकता है।
यहाँ इस योजना से जुड़े मुख्य बदलावों और स्थिति जांचने की पूरी जानकारी दी गई है:
भुगतान से पहले की जरूरी चेकलिस्ट
| महत्वपूर्ण बिंदु | विवरण | क्या करें? |
| FTO Verification | फंड ट्रांसफर ऑर्डर (FTO) का सत्यापित होना अनिवार्य है। | स्टेटस चेक करें कि FTO जनरेट हुआ है या नहीं। |
| DBT & Aadhaar | बैंक खाते का आधार से लिंक होना और DBT (Direct Benefit Transfer) सक्रिय होना। | बैंक जाकर आधार सीडिंग (Aadhaar Seeding) सुनिश्चित करें। |
| Geo-Tagging | घर की लोकेशन का जियो-टैगिंग (Live Location) होना। | सही जगह से जियो-टैगिंग करवाएं, गलत लोकेशन पर आवेदन रिजेक्ट हो सकता है। |
जियो-टैगिंग (Jio-Tagging) क्या है और क्यों जरूरी है?
सरकार अब भ्रष्टाचार रोकने के लिए लाइव लोकेशन ट्रैकिंग का उपयोग कर रही है।
- सही पहचान: जियो-टैगिंग से यह सुनिश्चित होता है कि घर वहीं बन रहा है जहाँ के लिए आवेदन किया गया है।
- पात्रता की जांच: यदि आपने किसी ऐसी जगह की फोटो भेजी जहाँ आपका मालिकाना हक नहीं है, तो आपका नाम हमेशा के लिए लिस्ट से हटा दिया जाएगा।
- पारदर्शिता: जियो-टैगिंग सफल होने के बाद ही पैसे सीधे बैंक खाते में ट्रांसफर किए जाएंगे।
अपना नाम और FTO स्टेटस कैसे चेक करें? (स्टेप-बाय-स्टेप)
आप घर बैठे PMAY-G की आधिकारिक वेबसाइट पर अपनी स्थिति देख सकते हैं:
- वेबसाइट पर जाएं: pmayg.nic.in पोर्टल खोलें।
- रिपोर्ट सेक्शन: मेनू में ‘Awaassoft’ पर क्लिक करें और फिर ‘Report’ चुनें।
- विवरण भरें: ‘Beneficiary Details for Verification’ के तहत अपना राज्य, जिला, ब्लॉक और ग्राम पंचायत चुनें।
- साल का चुनाव: सूची के लिए 2025-26 का चयन करें।
- रजिस्ट्रेशन नंबर: अपना रजिस्ट्रेशन नंबर कॉपी करें और ‘Stakeholders’ मेनू में जाकर ‘IAY/PMAYG Beneficiary’ पर क्लिक करके उसे पेस्ट करें।
- स्टेटस देखें: यहाँ आपको ‘Order Sheet’ और ‘FTO Status’ दिखाई देगा। यदि यहाँ ‘Verified’ लिखा है, तो आपकी पहली किस्त जल्द आ जाएगी।
महत्वपूर्ण सूचना: अगर आपका खाता सत्यापित (Verified) नहीं दिखा रहा है, तो तुरंत अपने ब्लॉक कार्यालय या ग्राम सचिव से संपर्क करें ताकि आधार और DBT लिंक की प्रक्रिया पूरी की जा सके।
क्या आप जानना चाहते हैं कि अगर जियो-टैगिंग में कोई गलती हो गई हो, तो उसे दोबारा (Re-survey) कैसे कराया जा सकता है?
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