Silver Price Today: देशभर के बाजारों में सोने और चांदी की कीमतों ने आम आदमी की नींद उड़ा दी है। पिछले कुछ समय से कीमती धातुओं के दाम जिस रफ्तार से बढ़ रहे हैं, उसने न केवल निवेशकों को हैरान कर दिया है, बल्कि शादी-ब्याह के सीजन में खरीदारी की योजना बना रहे मध्यमवर्गीय परिवारों की चिंता भी बढ़ा दी है।
इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के ताजा आंकड़ों के अनुसार, बाजार में भारी उतार-चढ़ाव जारी है। आइए विस्तार से समझते हैं कि सोने-चांदी के भाव क्या हैं और इस तेजी के पीछे का असली कारण क्या है।
1. सोने और चांदी के मौजूदा भाव: एक नजर में
बाजार में हल्की गिरावट के बावजूद कीमतें अभी भी ऐतिहासिक उच्च स्तर पर बनी हुई हैं:
- सोना (24 कैरेट): 10 ग्राम 24 कैरेट सोने की कीमत में ₹2,182 की गिरावट दर्ज की गई है, जिसके बाद अब यह ₹1,34,599 पर आ गया है।
- चांदी (1 किलोग्राम): चांदी की कीमतों में भी ₹311 की मामूली गिरावट देखी गई है और अब यह ₹2,32,329 प्रति किलोग्राम पर बिक रही है।
साल 2025 में हुई रिकॉर्ड बढ़ोतरी: इस साल अब तक सोने और चांदी ने निवेशकों को मालामाल कर दिया है। साल की शुरुआत से अब तक:
- सोने की कीमत में ₹58,437 की वृद्धि हुई है।
- चांदी की कीमत में ₹1,46,312 का भारी उछाल आया है।
2. चांदी की कीमतों में आग लगने की असली वजह: ‘चाइना फैक्टर’
क्या आपने सोचा है कि चांदी की कीमतें अचानक ₹2 लाख के पार कैसे पहुँच गईं? इसके पीछे सबसे बड़ा कारण चीन की नई नीतियां हैं।
- निर्यात लाइसेंस नियम (Export License Rules): चीन 1 जनवरी, 2026 से चांदी के निर्यात के लिए नए कड़े नियम लागू करने जा रहा है। इसके तहत अब केवल बड़े और सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त निर्यातक ही चांदी को विदेश भेज सकेंगे।
- ग्लोबल सप्लाई पर असर: दुनिया भर में उपलब्ध चांदी का लगभग 60% से 70% हिस्सा प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से चीन से जुड़ा हुआ है। चीन के इस कदम से वैश्विक बाजार में चांदी की भारी कमी (Supply Crunch) होने की आशंका है।
- बढ़ती मांग: सप्लाई कम होने की खबरों ने बाजार में डर पैदा कर दिया है, जिससे वैश्विक स्तर पर चांदी की मांग और कीमतें दोनों तेजी से बढ़ रही हैं।
3. मध्यम वर्ग की बढ़ती चिंताएं
सोने-चांदी की इन बढ़ती कीमतों ने आम परिवारों के बजट को पूरी तरह बिगाड़ दिया है।
- शादी-ब्याह पर असर: भारतीय संस्कृति में शादियों में सोना और चांदी खरीदना अनिवार्य माना जाता है। ₹1.34 लाख प्रति 10 ग्राम सोने का भाव अब मध्यम वर्ग की पहुंच से बाहर होता जा रहा है।
- खरीदारी में डर: बाजार में यह डर बना हुआ है कि यदि कीमतें इसी तरह बढ़ती रहीं, तो भविष्य में जेवर बनवाना एक सपना मात्र रह जाएगा।
4. निवेश और आगामी अपडेट्स: मुख्य बिंदु
अगर आप सोने या चांदी में निवेश करने की सोच रहे हैं, तो इन बातों का ध्यान रखें:
- सप्लाई चेन: 1 जनवरी 2026 के बाद सप्लाई चेन में और रुकावटें आ सकती हैं, जिससे कीमतें और बढ़ सकती हैं।
- सुरक्षित निवेश: अनिश्चितता के दौर में सोना हमेशा एक सुरक्षित निवेश (Safe Haven) माना जाता है, इसलिए मांग लगातार बनी रहेगी।
- नियमित ट्रैकिंग: कीमतों में ₹2,000-₹3,000 का उतार-चढ़ाव अब सामान्य हो गया है, इसलिए खरीदारी से पहले IBJA के आधिकारिक रेट जरूर चेक करें।
निष्कर्ष: सोने और चांदी की कीमतों में यह तेजी केवल स्थानीय नहीं बल्कि वैश्विक कारणों, विशेषकर चीन की व्यापारिक नीतियों का परिणाम है। आने वाले हफ्तों में बाजार में और भी हलचल देखने को मिल सकती है।
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