Sukanya Samriddhi Yojana 2026: केंद्र सरकार ने ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ अभियान के तहत साल 2015 में इस योजना की शुरुआत की थी। इसका मुख्य उद्देश्य गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों की बेटियों को उच्च शिक्षा और विवाह के समय बड़ी आर्थिक सहायता प्रदान करना है। सबसे अच्छी बात यह है कि इसमें निवेश पूरी तरह सुरक्षित है और रिटर्न की गारंटी खुद भारत सरकार देती है।
सुकन्या समृद्धि योजना 2026: मुख्य हाइलाइट्स
योजना से जुड़ी जरूरी जानकारी नीचे दी गई टेबल में देखें:
| विवरण | महत्वपूर्ण जानकारी |
| वर्तमान ब्याज दर | 8.2% वार्षिक (गारंटेड) |
| न्यूनतम निवेश | ₹250 प्रति वर्ष |
| अधिकतम निवेश | ₹1,50,000 प्रति वर्ष |
| खाता खोलने की उम्र | जन्म से लेकर 10 वर्ष तक |
| मैच्योरिटी अवधि | 21 वर्ष |
| निवेश की अवधि | 14 से 15 वर्ष तक |
कौन खुलवा सकता है खाता और क्या हैं नियम?
- पात्रता: यह खाता केवल भारत की नागरिक बेटियों के लिए है जिनकी उम्र 10 साल से कम है।
- बेटियों की संख्या: एक परिवार की अधिकतम दो बेटियों का खाता खुल सकता है। (जुड़वा होने की स्थिति में तीन)।
- कहाँ खुलवाएं: आप किसी भी सरकारी बैंक या नजदीकी पोस्ट ऑफिस में जाकर यह खाता खुलवा सकते हैं। यहाँ आपको बैंक की तरह ही एक पासबुक दी जाएगी।
जरूरी दस्तावेज (Documents Required)
- बेटी का जन्म प्रमाण पत्र (Birth Certificate) या आधार कार्ड।
- माता-पिता या अभिभावक का आधार कार्ड और पैन कार्ड।
- निवास प्रमाण पत्र और पासपोर्ट साइज फोटो।
निवेश और रिटर्न का जादुई गणित
इस योजना में आपको केवल 14-15 साल तक पैसा जमा करना होता है और 21 साल पूरे होने पर पैसा ब्याज सहित मिलता है। आइए इसे उदाहरण से समझते हैं:
- उदाहरण 1: यदि आप हर साल ₹20,000 जमा करते हैं, तो 14 साल में आपका कुल निवेश ₹2.80 लाख होगा। 21 साल बाद आपको लगभग ₹9,23,677 मिलेंगे।
- उदाहरण 2: यदि आप हर साल ₹50,000 निवेश करते हैं, तो कुल निवेश ₹7.50 लाख होगा और मैच्योरिटी पर आपको करीब ₹23,09,193 का फंड मिलेगा।
- उदाहरण 3: यदि आप अधिकतम सीमा यानी ₹1.50 लाख हर साल जमा करते हैं, तो आपकी बेटी को 21 साल बाद करीब ₹79,27,578 (लगभग 80 लाख) मिलेंगे।
नोट: ब्याज दरें सरकार द्वारा समय-समय पर संशोधित की जाती हैं। वर्तमान में यह 8.2% है, जो भविष्य में कम या ज्यादा हो सकती है।
विशेष परिस्थितियाँ: मृत्यु या इमरजेंसी
- अभिभावक की मृत्यु: यदि पिता या संरक्षक की मृत्यु हो जाती है, तो योजना में कोई इंश्योरेंस नहीं मिलता। नॉमिनी या बेटी पैसा निकाल सकती है या कोई अन्य अभिभावक न्यूनतम राशि जमा कर इसे जारी रख सकता है।
- बेटी की मृत्यु: यदि खाताधारक बेटी की मृत्यु हो जाती है, तो खाता तुरंत बंद कर दिया जाता है और पूरी राशि ब्याज सहित अभिभावक को सौंप दी जाती है।
इस योजना की एक छोटी सी कमी
विशेषज्ञों का मानना है कि इस योजना में एक तकनीकी कमी है। वर्तमान नियमों के अनुसार, 18 वर्ष की आयु होने पर बेटी अपनी उच्च शिक्षा के लिए बिना पिता की सहमति के भी 50% राशि निकाल सकती है। बहुत से अभिभावकों का सुझाव है कि निकासी के समय पिता और बेटी दोनों के हस्ताक्षर अनिवार्य होने चाहिए ताकि सुरक्षा बनी रहे।
सुकन्या समृद्धि योजना उन लोगों के लिए बेहतरीन विकल्प है जो शेयर मार्केट के जोखिम से दूर रहकर अपनी बेटी के लिए मोटा फंड बनाना चाहते हैं। इसमें आपको टैक्स की भी बचत होती है। तो देर किस बात की? अपनी लाडली के सुनहरे भविष्य के लिए आज ही निवेश शुरू करें।
क्या आप जानना चाहते हैं कि सुकन्या खाते पर इनकम टैक्स में कितनी छूट मिलती है? कमेंट में पूछें, हम आपको विस्तार से बताएंगे!
Disclaimer: यह लेख केवल शैक्षिक जानकारी के लिए है। ब्याज दरें और नियम सरकार की नीतियों के अनुसार बदलते रहते हैं। निवेश से पहले आधिकारिक बैंक या पोस्ट ऑफिस की वेबसाइट पर नवीनतम जानकारी अवश्य चेक करें।
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