Senior Citizen Savings Scheme 2026: बहुत से लोगों को लगता है कि यह स्कीम केवल रिटायरमेंट के बाद ही काम आती है। लेकिन असल में, यह उन सभी के लिए एक वरदान है जो एकमुश्त पैसा निवेश करके हर महीने या हर तिमाही नियमित आय (Regular Income) चाहते हैं। इस स्कीम को आप किसी भी पोस्ट ऑफिस या बैंक में जाकर आसानी से खुलवा सकते हैं।
SCSS 2026: योजना की मुख्य विशेषताएं
| विवरण | महत्वपूर्ण जानकारी |
| वर्तमान ब्याज दर | 8.2% सालाना (गारंटेड) |
| न्यूनतम निवेश | ₹1,000 |
| अधिकतम निवेश | ₹30 लाख |
| अवधि | 5 साल (3 साल और बढ़ाया जा सकता है) |
| ब्याज भुगतान | हर तिमाही (Quarterly) |
| सुरक्षा | 100% भारत सरकार द्वारा सुरक्षित |
क्यों है यह बैंक FD से भी बेहतर?
अक्सर बैंक की फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) में आपको पैसा मैच्योरिटी पर मिलता है या ब्याज दरें कम होती हैं। लेकिन SCSS में आपको 8.2% का दमदार ब्याज मिलता है, जो कई बैंकों की तुलना में काफी अधिक है।
- रेगुलर इनकम: इस स्कीम में साल में चार बार ब्याज आपके खाते में जमा होता है। इससे घर के खर्च, मेडिकल बिल या डेली लाइफ की जरूरतों को पूरा करना आसान हो जाता है।
- पहुँच: इंडिया पोस्ट (Post Office) की पहुँच देश के कोने-कोने तक है, इसलिए गाँव हो या शहर, कोई भी इसका लाभ ले सकता है।
- फ्लेक्सिबिलिटी: आप ₹1,000 के मल्टीपल में कितना भी पैसा ₹30 लाख तक जमा कर सकते हैं।
रिटर्न का गणित: समझें कितना मिलेगा फायदा?
आइए एक उदाहरण से समझते हैं कि यदि आप ₹8 लाख इस स्कीम में निवेश करते हैं, तो आपकी कमाई कितनी होगी:
- निवेश राशि: ₹8,00,000
- ब्याज दर: 8.2%
- तिमाही ब्याज (हर 3 महीने में): ₹16,400
- 5 साल में कुल ब्याज: ₹3,28,000
- मैच्योरिटी पर कुल रकम: ₹11,28,000
अगर आप हर तिमाही ब्याज नहीं निकालते हैं, तो ध्यान रखें कि उस पर अतिरिक्त ब्याज नहीं मिलता। इसलिए यह स्कीम उनके लिए बेस्ट है जो समय-समय पर पैसा निकालकर अपने खर्च चलाना चाहते हैं।
नॉमिनेशन और विस्तार की सुविधा
यह स्कीम न केवल सुरक्षित है बल्कि पूरी तरह से प्लान्ड भी है। आप इसमें एक या अधिक नॉमिनी जोड़ सकते हैं, जिससे भविष्य में परिवार के लिए कोई कानूनी अड़चन न आए। इसके अलावा, 5 साल पूरे होने पर आप इसे 3 साल के लिए और बढ़ा सकते हैं, यानी कुल 8 साल तक आपको स्थिर और गारंटेड रिटर्न मिलता रहेगा।
इन बातों का रखें विशेष ध्यान
- टैक्स: इस स्कीम में मिलने वाला ब्याज टैक्स के दायरे में आता है, यदि वह एक सीमा से अधिक हो।
- प्री-मैच्योर विड्रॉल: अगर आप 5 साल से पहले पैसा निकालते हैं, तो कुछ पेनल्टी देनी पड़ सकती है।
- पात्रता: आमतौर पर 60 वर्ष या उससे अधिक आयु के नागरिक इसमें खाता खोल सकते हैं (कुछ विशेष मामलों जैसे VRS में छूट मिलती है)।
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