केंद्रीय कर्मचारियों के लिए नए साल का तोहफा अब हकीकत बनने जा रहा है। 8वें वेतन आयोग के गठन और इसके Terms of Reference (ToR) को मिली मंजूरी ने यह साफ कर दिया है कि सरकार अब वेतन संशोधन की दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रही है। इसका सीधा लाभ 50 लाख से अधिक केंद्रीय कर्मचारियों और 68 लाख पेंशनभोगियों को मिलेगा।
8वें वेतन आयोग की मुख्य बातें: एक नजर में
| विवरण | जानकारी |
| लाभार्थी | 50 लाख कर्मचारी, 68 लाख पेंशनर्स |
| प्रभावी तिथि | 1 जनवरी 2026 |
| कमीशन की अध्यक्ष | जस्टिस रंजना देसाई (रिटायर्ड) |
| रिपोर्ट सौंपने की समयसीमा | 18 महीने (मध्य 2027 तक) |
| मुख्य फोकस | पे-स्केल, अलाउंस (HRA/DA), पेंशन स्ट्रक्चर |
क्या है ‘टर्म्स ऑफ रेफरेंस’ (ToR) और क्यों है यह जरूरी?
टर्म्स ऑफ रेफरेंस वह दिशा-निर्देश होते हैं जो यह तय करते हैं कि वेतन आयोग किन बिंदुओं पर काम करेगा। सरकार ने इस बार 7 मुख्य बिंदुओं को ToR में शामिल किया है:
- वेतन और भत्तों की समीक्षा: वर्तमान सैलरी स्ट्रक्चर की समीक्षा करना ताकि महंगाई के हिसाब से कर्मचारियों की ‘परचेसिंग पावर’ (खरीदने की क्षमता) बनी रहे।
- राजकोषीय संतुलन (Fiscal Prudence): यह सुनिश्चित करना कि वेतन वृद्धि से देश के बजट पर इतना बोझ न पड़े कि विकास कार्य रुक जाएं।
- पेंशन का बोझ: नई पेंशन स्कीम (UPS/NPS) और पुरानी पेंशन के बीच के संतुलन और वित्तीय बोझ का आकलन करना।
- निजी क्षेत्र से तुलना: प्राइवेट सेक्टर और PSUs में चल रहे सैलरी ट्रेंड को ध्यान में रखते हुए वेतन तय करना।
सैलरी में कितनी होगी बढ़ोतरी? (फिटमेंट फैक्टर का गणित)
सबसे बड़ा सवाल यह है कि सैलरी कितनी बढ़ेगी? यह सब ‘फिटमेंट फैक्टर’ पर निर्भर करता है। 7वें वेतन आयोग में यह 2.57 था, जिससे न्यूनतम वेतन 18,000 रुपये हुआ था।
8वें वेतन आयोग को लेकर दो प्रमुख संभावनाएं जताई जा रही हैं:
- यदि फिटमेंट फैक्टर 2.57 रहता है: तो न्यूनतम मूल वेतन (Basic Pay) 18,000 रुपये से बढ़कर सीधे 46,260 रुपये हो सकता है।
- यदि फिटमेंट फैक्टर 1.92 रहता है: (जैसा कि कई विशेषज्ञ मान रहे हैं), तो न्यूनतम वेतन 34,560 रुपये के आसपास होगा।
नोट: जैसे ही नया वेतन आयोग लागू होता है, महंगाई भत्ता (DA) शून्य हो जाता है और वह मूल वेतन में जुड़ जाता है। इससे आपकी इन-हैंड सैलरी में जबरदस्त उछाल देखने को मिलता है।
पेंशन और भत्तों पर असर
- HRA (House Rent Allowance): रियल एस्टेट की बढ़ती कीमतों को देखते हुए HRA को 10% से 27% के स्लैब में ले जाया जा सकता है।
- अधिकतम वेतन: कैबिनेट सचिव जैसे शीर्ष पदों का वेतन 2.5 लाख से बढ़कर 3.5 से 4 लाख रुपये प्रति माह हो सकता है।
- पेंशन: न्यूनतम पेंशन भी 9,000 रुपये से बढ़कर 20,000 रुपये के पार जाने की उम्मीद है।
पैसा कब तक मिलेगा? (Timeline)
आयोग को अपनी रिपोर्ट सौंपने के लिए 18 महीने का समय दिया गया है। इसका मतलब है कि रिपोर्ट 2027 के मध्य तक आएगी। लेकिन घबराने की जरूरत नहीं है! भले ही घोषणा 2027 या 2028 में हो, लेकिन वेतन वृद्धि 1 जनवरी 2026 से ही प्रभावी मानी जाएगी। पिछले महीनों का बढ़ा हुआ पैसा आपको एरियर (Arrear) के रूप में एक साथ मिल जाएगा।
चुनौतियां और सरकारी नजरिया
सरकार के सामने सबसे बड़ी चुनौती विकास कार्यों और वेतन वृद्धि के बीच संतुलन बनाने की है। वेतन और पेंशन बिल बढ़ने से सरकार पर सालाना 1.5 से 2 लाख करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। हालांकि, 2029 के चुनावों को देखते हुए माना जा रहा है कि सरकार कर्मचारियों को खुश करने में कोई कसर नहीं छोड़ेगी।
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